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आत्मबल नहीं होने से जीवन हो रहा तनावग्रस्त: उर्मिला दीदी
इंदौर. संसार में कुछ लोग मानते हैं कि तनाव जीवन का हिस्सा है, लेकिन ऐसा नहीं है. हम भारत के देवी-देवताओं की कहानियां सुनते है. माँ दुर्गा ने कितने बड़े-बड़े असुरों का संहार किया लेकिन सदा शक्तिशाली और हर्षित रहे, कृष्ण ने कालिया देह नाग ऊपर डाँस किया और हर्षित भी रहे. श्रीराम के सामने भी कितनी विपरीत परिस्थितियां आई लेकिन उन्होंने कभी आत्मबल नहीं खोया. अत: हमारा यह कथन सत्य नहीं है कि तनाव जीवन का हिस्सा है.
उक्त उ्द्गार ज्ञान शिखर ओमशांति भवन में ओमप्रकाश भाईजी सभागृह में आयोजित पांच दिवसीय तनावमुक्ति शांति अनुभूति शिविर के उद्घाटन सत्र में माउंट आबू से आईं ज्ञानामतृ की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने व्यक्त कियें. उन्होंने बताया कि आज मानव की उड़ान केवल एक पंख की है. वह भौतिक उपलब्धियों के पीछे भाग रहा है. दूसरा बल आत्म बल, जीवन के मूल्य, आध्यात्मिक शक्ति उसके पास नहीं है इसलिए जीवन तनावग्रस्त होता जा रहा है. आज स्वयं की आत्मिक उन्नति के लिए किसी के पास समय नहीं हैं क्योंकि आज आम मान्यता हो गई है कि बड़ी आयु के बाद इसके लिए समय निकालेंगे. अभी जिम्मेदारी ज्यादा है। लेकिन जब जिम्मेदारी अधिक है तभी हमें आत्मबल, आध्यात्मिकमा की आवश्यकता है. इसके लिए राजयोग मेडीटेशन कारगर उपाय है.
दु:ख का कारण हमारी सोच
इस अवसर पर इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि तनाव व दुख का कारण हम स्वयं है अर्थात् हमारी सोच है. हमने नकारात्मक सोचकर अपनी शक्ति खर्च कर ली है. अब हमें अपनी शक्ति को पहचान कर बढ़ाना है. कोलकाता से पधारे यूको बैंक के जनरल मैनेजर भ्राता महेशकुमार, यूको बैंक इंदौर के एजीएम ओमप्रकाश गुरनानी ने दीप प्रज्जवलन कर अपनी शुभकामनाएं दी. संचालन ब्रह्माकुमारी सोनाली ने किया.


